जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट के डिजिटल केस मैनेजमेंट सिस्टम को लेकर गंभीर मामला सामने आया है। रिपोर्ट के अनुसार हाईकोर्ट की मुख्य पीठ के सॉफ्टवेयर से विशेष अभियान समूह यानी SOG से संबंधित पांच मामलों की प्रविष्टियां कथित तौर पर हटा दी गईं। इन मामलों को 5 अगस्त को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाना था।
मामला सामने आने के बाद पुलिस में FIR दर्ज कराई गई है। अब जांच का मुख्य बिंदु यह रहेगा कि सिस्टम में बदलाव किस स्तर से किया गया और संबंधित रिकॉर्ड तक पहुंच किसके पास थी।
अदालतों में मामलों की सूची, सुनवाई की तारीख और केस रिकॉर्ड का डिजिटल प्रबंधन बेहद महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में इस तरह की कथित तकनीकी छेड़छाड़ ने न्यायिक डिजिटल सिस्टम की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जांच के दौरान सिस्टम लॉग, यूजर एक्सेस और रिकॉर्ड में हुए बदलावों की तकनीकी जानकारी अहम भूमिका निभा सकती है।
मामला केवल पांच केस की सूची तक सीमित नहीं है, बल्कि यह न्यायिक डिजिटल रिकॉर्ड की सुरक्षा और साइबर नियंत्रण व्यवस्था से भी जुड़ा हुआ है।
