बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ के कारण देश के पूर्वी और दक्षिणी तटीय क्षेत्रों में मौसम को लेकर चिंता बढ़ गई है। तूफान के 3 नवंबर को आंध्र प्रदेश के तटवर्ती इलाके में पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। संभावित खतरे को देखते हुए प्रशासन ने लोगों की सुरक्षा के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, तूफान के प्रभाव से आंध्र प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है। तेज हवाओं के साथ समुद्र में ऊंची लहरें उठने की आशंका भी बनी हुई है। ऐसे में तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
प्रशासन की ओर से संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। राहत और बचाव दलों को तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
यह क्षेत्र पिछले सप्ताह आए एक विनाशकारी चक्रवात के प्रभाव से अभी पूरी तरह उबर भी नहीं पाया है। ऐसे में लगातार दूसरे तूफान की आशंका ने स्थानीय लोगों और प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।
सरकारी एजेंसियों की प्राथमिकता इस समय जान-माल के नुकसान को कम करना और लोगों को सुरक्षित रखना है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें और समुद्र तटों तथा जोखिम वाले क्षेत्रों से दूर रहें।
आने वाले 24 से 48 घंटे इस क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। प्रशासन की निगरानी और राहत तैयारियों के बीच मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
