Kota Medical College Hospital के गायनिक वार्ड में बुधवार को एक गंभीर घटना सामने आई, जहां एक साथ 6 प्रसूताओं की तबीयत अचानक बिगड़ गई। इनमें से एक महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि बाकी 5 की हालत अभी भी चिंताजनक बनी हुई है। सभी को तुरंत नेफ्रोलॉजी और गायनिक वार्ड में शिफ्ट कर इलाज दिया जा रहा है।

जानकारी के अनुसार, कुल 13 महिलाओं को एक साथ दवाएं दी गई थीं, जिनमें से 6 को गंभीर दिक्कतें होने लगीं। प्रभावित महिलाओं में ब्लड प्रेशर गिरना, प्लेटलेट्स कम होना और यूरिन बंद होने जैसे लक्षण देखे गए। डॉक्टरों का कहना है कि इन मरीजों में किडनी से जुड़ा संक्रमण भी पाया गया है।
घटना की सूचना मिलते ही कोटा दक्षिण के विधायक Sandeep Sharma अस्पताल पहुंचे और हालात का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि सबसे पहले बाकी महिलाओं की जान बचाना जरूरी है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए गए हैं।
मामले की जांच के लिए दो अलग-अलग कमेटियां बनाई गई हैं। एक टीम विशेषज्ञ डॉक्टरों की है, जो मरीजों के इलाज पर लगातार नजर रख रही है। वहीं दूसरी टीम यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर समस्या की वजह क्या थी—किसी दवा का रिएक्शन या आईवी फ्लूइड में गड़बड़ी।
दूसरी ओर, परिजनों ने अस्पताल स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि शुरुआती लक्षणों को गंभीरता से नहीं लिया गया और संभवतः गलत दवा देने के कारण स्थिति बिगड़ी।
प्रभावित महिलाओं के नवजात शिशुओं को सुरक्षित रखने के लिए उन्हें न्यू मैटरनल एंड चाइल्ड हॉस्पिटल (NMCH) में शिफ्ट कर दिया गया है, जहां उनकी देखभाल के लिए अलग मेडिकल टीम तैनात है।
