अलवर: खैरथल-तिजारा जिले में हुए ‘नीले ड्रम हत्याकांड’ ने पूरे राजस्थान को दहला दिया था। अब पुलिस ने इस सनसनीखेज वारदात का राज़ खोल दिया है। पुलिस अधीक्षक मनीष चौधरी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि मृतक हंसराज की हत्या उसकी पत्नी सुनीता और मकान मालिक प्रेमी जितेंद्र ने मिलकर की थी।
कैसे रचा गया हत्या का षड्यंत्र?
पुलिस के अनुसार, सुनीता और जितेंद्र के बीच पिछले चार महीनों से अवैध संबंध थे। हंसराज को इसकी जानकारी हो गई थी। इसी कारण घर में आए दिन झगड़े और मारपीट होती थी। रोज-रोज की कलह से परेशान होकर सुनीता और जितेंद्र ने हंसराज को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।
15 अगस्त की रात तीनों ने साथ बैठकर शराब पी। जब हंसराज नशे में हो गया, तो सुनीता और जितेंद्र ने मिलकर उसका गला तकिए से दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद शव को घर में रखे नीले ड्रम में डाल दिया और उसे गलाने के लिए उसमें नमक भी भर दिया। ड्रम को कपड़ों और पत्थरों से ढककर छिपा दिया गया।
ऐसे हुए गिरफ्तार
हत्या के अगले दिन 16 अगस्त को जितेंद्र, सुनीता और उसके तीनों बच्चों को लेकर फरार हो गया। दोनों अलवर के रामगढ़ इलाके के अलावड़ा में एक ईंट भट्टे पर काम मांगने पहुंचे। वहां मौजूद लोगों ने उन्हें पहचान लिया और पुलिस को सूचना दे दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया और हंसराज के बच्चों को परिजनों को सौंप दिया।