राजस्थान के बारां शहर में अवैध रूप से संचालित हो रही पटाखा फैक्ट्री का बड़ा खुलासा हुआ है। लोगों की शिकायत के बाद अटरू रोड स्थित मंडोला क्षेत्र में पुलिस और जिला प्रशासन ने 20 फरवरी को संयुक्त कार्रवाई करते हुए छापा मारा। कार्रवाई में एक अवैध फैक्ट्री और उससे जुड़े तीन गोदामों से भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद की गई।
कोतवाली थाना पुलिस ने मौके से करीब 40 करोड़ रुपये मूल्य की अवैध आतिशबाजी और विस्फोटक पदार्थ जब्त किए। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 288 तथा विस्फोटक अधिनियम 1984 की धारा 5 और 9(ख) के तहत मामला दर्ज कर महेश और अभिषेक नामक दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामले की जांच किशनगंज थाना प्रभारी रमेशचंद को सौंपी गई है और आगे भी गिरफ्तारी की संभावना जताई जा रही है।
छापेमारी के दौरान गोदामों की छतों और टीन शेड पर सूखने के लिए रखे गए नीले सूतली बम पाए गए, जिन्हें बाद में कट्टों में भरा जाता था। पुलिस ने करीब 1350 कट्टों में भरे सूतली बम (लगभग 338 क्विंटल) और 5500 कार्टनों में पैक पटाखे (करीब 1918 क्विंटल) बरामद किए।
इसके अलावा पटाखे बनाने में प्रयुक्त पोटेशियम नाइट्रेट, सल्फर, चारकोल पाउडर, एल्युमिनियम पाउडर, नीला थोथा, फॉस्फेट सहित अन्य मिश्रित विस्फोटक पदार्थों के कट्टे भी जब्त किए गए, जिनका वजन लगभग 12 क्विंटल बताया गया। साथ ही 130 बोरियों में भरा जर्दा (करीब 45 क्विंटल) भी मिला, जिसका उपयोग नमी से बचाव के लिए किया जाता है।
पुलिस ने लाल बत्ती के 20 बंडल, पैकिंग मशीन, पैकिंग सामग्री, लेबल और विभिन्न प्रकार के तैयार पटाखों के कार्टन भी बरामद किए। कुल मिलाकर करीब 2,31,300 किलोग्राम विस्फोटक सामग्री जब्त की गई है।
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि यहां तैयार किए गए पटाखे राजस्थान के साथ-साथ मध्य प्रदेश और अन्य राज्यों में भी सप्लाई किए जाते थे। पुलिस ने पूंसरा गांव स्थित दो अन्य गोदामों को भी सीज कर दिया है। मामले में आगे की जांच जारी है।
