राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा शनिवार को डूंगरपुर पहुंचे, जहाँ भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के अवसर पर राज्य स्तरीय जनजाति गौरव समारोह आयोजित किया गया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने जनजाति विकास के लिए 87 करोड़ रुपये की योजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया।

अपने संबोधन में CM शर्मा ने कहा कि आदिवासी समुदाय ने सदियों से प्रकृति, जल, जंगल और जमीन का संरक्षण किया है और उनके वीर महापुरुषों की वजह से आज प्रकृति जीवित है। उन्होंने भगवान बिरसा मुंडा, वंदे मातरम गीत रचयिता तथा लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर श्रद्धांजलि दी।
महिला समूहों को प्रोत्साहन
समारोह के दौरान राजीविका महिला समूहों को 31 करोड़ रुपये के ऋण चेक वितरित किए गए। ‘लाडो प्रोत्साहन योजना’ में संकल्प पत्र दिए गए और 3 महिलाओं की गोद भराई की रस्म भी निभाई गई।
दिव्यांगजन के लिए सहायता
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा 19 दिव्यांगजन को मस्कुलर डिस्ट्रॉफी व्हीलचेयर और 40 दिव्यांगों को मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल प्रदान की गई।
मुख्यमंत्री ने बटन दबाकर जनजाति क्षेत्र के लिए कई नई सौगातों की घोषणा भी की।
शिक्षा व प्रशिक्षण को बढ़ावा
62 करोड़ रुपये की लागत से 31 विकास कार्यों का शिलान्यास हुआ। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए 60 जनजाति छात्राओं के लिए जयपुर में आवासीय बैच की शुरुआत। जनजाति युवाओं के लिए जयपुर में निःशुल्क कौशल प्रशिक्षण शुरू किया गया। उदयपुर, डूंगरपुर और बांसवाड़ा में RS-CIT कोर्स की सुविधा शुरू की गई। छात्रावासों के विद्यार्थियों को पोशाक व स्टेशनरी के लिए 4.08 करोड़ रुपये DBT से ट्रांसफर किए गए। कृषि विभाग ने विभिन्न योजनाओं में 53,766 लाभार्थियों को 200 करोड़ रुपये की अनुदान राशि प्रदान की।
