राजस्थान विधानसभा के बाहर बुधवार को उस समय राजनीतिक माहौल गरमा गया जब भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के दिग्गज नेताओं के बीच तीखी बहस छिड़ गई। गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और कांग्रेस सचेतक रफीक खान के बीच हुई यह खुली नोकझोंक सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है।
बहस की शुरुआत गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम के उस बयान से हुई, जिसमें उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों के चलते अमेरिका को भारत के सामने झुकना पड़ा है। बेढम ने कहा कि ‘आत्मनिर्भर भारत’ की सोच और मजबूत कूटनीति के कारण ही अमेरिका भारत की शर्तों पर ट्रेड डील करने को मजबूर हुआ है। उन्होंने इसे भारत की बढ़ती वैश्विक ताकत का प्रमाण बताया।
इस दावे पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कड़ा पलटवार किया। जूली ने सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर प्रधानमंत्री मोदी की कौन-सी नीति से अमेरिका बैकफुट पर आया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने देश के हितों से समझौता किया है और अमेरिका के सामने सरेंडर कर दिया है। जूली ने आशंका जताई कि अगर अमेरिकी डेयरी उत्पाद भारत में आए, तो इससे देश के किसानों को भारी नुकसान होगा। उन्होंने खाद, बीज और यूरिया की किल्लत का मुद्दा उठाते हुए सरकार को घेरा।
इसी बीच कांग्रेस सचेतक रफीक खान ने बहस में रूस का मुद्दा उठाकर मामले को और गंभीर बना दिया। उन्होंने सवाल किया कि क्या यह ट्रेड डील भारत के पुराने मित्र रूस की कीमत पर की गई है। रफीक खान ने कहा कि इतिहास गवाह है कि भारत-पाक तनाव के समय अमेरिका का झुकाव पाकिस्तान की ओर रहा है, ऐसे में रूस जैसे भरोसेमंद दोस्त को नजरअंदाज कर अमेरिका पर भरोसा करना देशहित में नहीं है।
विधानसभा के बाहर हुई इस तीखी जुबानी जंग ने साफ कर दिया है कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर राजस्थान की राजनीति में भी घमासान मच चुका है, जहां बीजेपी इसे कूटनीतिक जीत बता रही है तो कांग्रेस देश के हितों से समझौता करार दे रही है।
