राजस्थान की राजधानी जयपुर के बिंदायका औद्योगिक क्षेत्र में शुक्रवार सुबह एक प्लास्टिक कूलर बनाने वाली तीन मंजिला फैक्ट्री में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया और काले धुएं का गुबार दूर-दूर तक दिखाई देने लगा। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, हालांकि फैक्ट्री में रखा करोड़ों रुपये का सामान जलकर नष्ट होने की आशंका है।
दमकल विभाग और पुलिस के अनुसार फैक्ट्री में बड़ी मात्रा में प्लास्टिक और अन्य ज्वलनशील सामग्री रखी हुई थी, जिससे आग तेजी से फैल गई। स्थिति उस समय और गंभीर हो गई जब पता चला कि फैक्ट्री की ऊपरी मंजिल पर 11 गैस सिलेंडर रखे हुए हैं। आग सिलेंडरों तक पहुंचने से पहले ही दमकलकर्मियों और सिविल डिफेंस की टीम ने साहस दिखाते हुए अंदर जाकर सभी सिलेंडरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। यदि सिलेंडर फट जाते तो आसपास की फैक्ट्रियों को भी भारी नुकसान हो सकता था।
आग की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने बिंदायका औद्योगिक क्षेत्र की ओर जाने वाली सड़कों को तुरंत बंद कर दिया और आसपास की फैक्ट्रियों को खाली करवा दिया। ट्रैफिक को भी दूसरे रास्तों पर डायवर्ट किया गया। दमकल की कई गाड़ियों ने घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। फिलहाल मलबे के नीचे दबी आग को पूरी तरह बुझाने के लिए कूलिंग का काम जारी है।
प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि फैक्ट्री में अग्नि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम थे या नहीं।
