राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र के दौरान दरी खरीद का मामला गरमा गया। इस दौरान शिक्षा मंत्री Madan Dilawar ने सदन में ही एक अधिकारी को निलंबित करने का ऐलान कर दिया। शुक्रवार (6 मार्च) को कार्यवाही के दौरान डेगाना क्षेत्र के सरकारी विद्यालयों में दरी-पट्टी खरीद से जुड़ा मुद्दा उठाया गया।
डेगाना से विधायक Ajay Singh Kilak ने सवाल उठाते हुए कहा कि विधायक कोष से विधानसभा क्षेत्र के स्कूलों के लिए 399 दरियां वितरित किए जाने की जानकारी दी गई थी, लेकिन वास्तविक स्थिति अलग है। उन्होंने आरोप लगाया कि भेरूंडा क्षेत्र में 171 दरियां खरीदी जानी थीं, जबकि सिर्फ 104 ही खरीदी गईं। बाकी दरियों का हिसाब नहीं है, जिसकी कीमत करीब 5 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है। विधायक ने पूछा कि क्या इसमें कोई गड़बड़ी या घोटाला हुआ है।

सवाल का जवाब देते हुए शिक्षा मंत्री Madan Dilawar ने कहा कि विधायक ने सही मुद्दा उठाया है और मामले में घालमेल होने की आशंका है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह गड़बड़ी पिछली सरकार के समय हुई थी और इसकी पूरी जांच करवाई जाएगी।
चर्चा के दौरान मंत्री ने यह भी कहा कि प्रथम दृष्टया ऐसा लग रहा है कि डेगाना के पूर्व विधायक Vijaypal Mirdha की भूमिका भी इस मामले में रही हो सकती है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मंत्री दिलावर ने सदन में ही बड़ा फैसला लेते हुए तत्कालीन ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (BEO) को निलंबित करने की घोषणा कर दी।
इस बीच विपक्ष के उपनेता Ramkesh Meena ने पूरक प्रश्न पूछते हुए मंत्री से सवाल किया कि यदि पूर्व विधायक पर भी आरोप हैं और वे अब भाजपा में हैं, तो क्या उनके खिलाफ भी कोई कार्रवाई की जाएगी।
