मध्यप्रदेश के उज्जैन जिले में एक दर्दनाक हादसे ने सभी को झकझोर दिया। राजस्थान के पाली निवासी 3 वर्षीय भागीरथ गुरुवार रात बड़नगर के पास झलारिया गांव में एक खेत के खुले बोरवेल में गिर गया। करीब 23 घंटे तक चले लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद बच्चे को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।

जानकारी के अनुसार, भागीरथ अपने परिवार के साथ पिछले तीन महीने से उज्जैन क्षेत्र में रह रहा था। उसका परिवार ऊंट और भेड़ों के साथ गांव-गांव घूमकर जीवनयापन करता है। तीन दिन पहले ही वे लोग झलारिया गांव में अय्यूब खान के खेत के पास डेरा डालकर रुके थे।
गुरुवार रात करीब 7:30 बजे भागीरथ अपनी मां के साथ भेड़ों को लेकर डेर पर जा रहा था। इसी दौरान पास के बोरवेल का ढक्कन एक भेड़ से हट गया। मासूम भागीरथ जब ढक्कन को देखने और हटाने लगा तो अचानक वह बोरवेल में जा गिरा।
घटना की सूचना मिलते ही आसपास के लोग मौके पर जमा हो गए और तुरंत पुलिस-प्रशासन को खबर दी गई। रात करीब 8 बजे से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू हुआ। SDRF की टीम ने रातभर बचाव कार्य जारी रखा। बच्चे तक ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए पाइप डाली गई और कैमरे की मदद से उसकी हरकतों पर नजर रखी गई।
बाद में NDRF की टीम भी मौके पर पहुंची और बचाव कार्य में जुट गई। प्रशासन ने पांच जेसीबी और पोकलेन मशीनों की मदद से बोरवेल के पास बड़ा गड्ढा खोदा। सुबह तक करीब 100 फीट लंबा और 30 फीट गहरा गड्ढा तैयार कर लिया गया था।
रेस्क्यू के दौरान कई बार बच्चा ऊपर तक लाया गया, लेकिन रस्सी टूटने और अन्य तकनीकी कारणों से वह फिर नीचे चला जाता था। आखिरकार शुक्रवार शाम करीब 6:30 बजे भागीरथ को बाहर निकाला गया, लेकिन डॉक्टरों ने अस्पताल में उसे मृत घोषित कर दिया।
इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है। अब बड़नगर पुलिस मामले की जांच करेगी कि आखिर इतनी बड़ी लापरवाही कैसे हुई।
