अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर गहरा गया है। होर्मुज़ क्षेत्र में ईरान के तीन जहाजों पर कथित हमलों के बाद दोनों देशों के बीच चल रही शांति वार्ता पर संकट मंडराने लगा है।
राष्ट्रपति Donald Trump ने तुर्की में आयोजित NATO शिखर सम्मेलन के दौरान कहा कि ईरान के साथ सीज़फायर समझौता अब “खत्म” हो चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि ईरान भरोसेमंद नहीं है और उसके साथ आगे बातचीत करना समय की बर्बादी है।

वहीं, ईरान के ख़ातम अल-अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान की संप्रभुता के खिलाफ किसी भी अमेरिकी सैन्य कार्रवाई में किसी अन्य देश से सहायता मिलती है, तो उस सहायता के स्रोत को भी वैध सैन्य लक्ष्य माना जाएगा और उसे परिणाम भुगतने होंगे।
इस बीच, ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रमुख Ebrahim Azizi ने कहा कि अमेरिका को होर्मुज़ क्षेत्र में ईरान की नई व्यवस्था को स्वीकार करना चाहिए। उनका कहना था कि मौजूदा हालात में यही एकमात्र रास्ता है।

ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, रातभर हुए अमेरिकी हमलों में Khuzestan Province के कई इलाकों—जिनमें Mahshahr, Bandar Imam Khomeini और Hamidiyeh शामिल हैं—को निशाना बनाया गया। इन हमलों में एक व्यक्ति की मौत और दो लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है।

फिलहाल दोनों देशों के बीच बयानबाज़ी और सैन्य गतिविधियों ने क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा दिया है। हालांकि, यह कहना अभी जल्दबाज़ी होगी कि पूर्ण युद्ध शुरू हो जाएगा। आने वाले दिनों में दोनों देशों की सैन्य और कूटनीतिक रणनीति तय करेगी कि हालात और बिगड़ते हैं या बातचीत की कोई नई पहल सामने आती है।
