राजस्थान विधानसभा चुनाव – भारत निर्वाचन आयोग ने प्रदेश में कुल 366 सहायक मतदान केन्द्रों की स्थापना को मंजूरी दी है, जिससे की मतदाताओं को ज़्यादा देर तक लाइन में नहीं लगना पड़ेगा। ये सहायक मतदान केन्द्र राज्य की 125 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में उन मतदान केन्द्रों पर बनाए जाएंगे।
राजस्थान मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रवीण गुप्ता ने बताया कि यह सहायक केंद्र उसी भवन में बनेंगे और मतदाताओं की संख्या का विभाजन दोनों केंद्रों पर इस प्रकार किया गया है, जहां मतदताओं की संख्या 1,450 से अधिक है. ये मतदान केन्द्र मूल मतदान केन्द्र के साथ उसी भवन में स्थापित किए जाएंगे. जिससे मतदान के दौरान लोगों को अधिक समय तक लाइन में खड़े रहने की आवश्यकता न पड़े.
आगे उन्होंने बताया की अभी राज्य में वर्तमान में कुल 51,756 मूल मतदान केन्द्र है, लेकिन अब 366 सहायक मतदान केन्द्रों के अनुमोदन के बाद 52,122 मतदान केन्द्र हो गए हैं. सभी मतदान केन्द्रों पर आवश्यक व्यवस्थाएं और सुविधाएं सुनिश्चित की जाएंगी. उन्होंने कहा कि मतदान केंद्रों पर टॉयलेट्स, पेयजल, बिजली, वॉलन्टियर्स, व्हीलचेयर, रैम्प सहित सभी बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता रहेगी. मतदाताओं की सहूलियत के लिए मतदान केन्द्रों पर साइनेज और हेल्प डेस्क की उचित व्यवस्था भी की जाएगी.
राज्य सहायक मतदान केंद्र
सबसे ज्यादा 92 सहायक मतदान केन्द्र जयपुर जिले में स्थापित किए जाएंगे. इनमें से 7 मतदान केन्द्र जगह की कमी के कारण उसी भवन के आसपास में परिवर्तित किए गए हैं.जोधपुर में 45, कोटा और सवाई माधोपुर में 16-16, अलवर में 15, बीकानेर में 13, अजमेर और चूरु में 12-12 ,भरतपुर और नागौर जिलों में 11-11 सहायक मतदान केन्द्र बनाए जाएंगे.