राजस्थान में लगातार हो रही भारी बारिश ने हालात बिगाड़ दिए हैं। जयपुर, कोटा, बूंदी, सवाई माधोपुर और झालावाड़ सहित कई जिलों में निचले इलाकों में पानी भर गया है। हालात से निपटने के लिए स्थानीय प्रशासन ने सेना और अन्य एजेंसियों की मदद ली है।
हाईवे और रेलवे ट्रैक पर असर
टोंक के देवली में जयपुर-कोटा हाईवे पर पानी भर जाने से यातायात प्रभावित हुआ, वहीं कोटा में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक रोकना पड़ा। बूंदी के लबान के पास बारिश से दिल्ली-मुंबई रेलवे ट्रैक के नीचे की मिट्टी बह गई, जिसके कारण कई ट्रेनों को नजदीकी स्टेशनों पर रोकना पड़ा।
परीक्षाएं और गांव प्रभावित
कोटा और बूंदी जिले के कई केंद्रों पर 24 अगस्त को होने वाली RSCIT परीक्षा रद्द करनी पड़ी। लगातार बारिश से करौली, अलवर, सवाई माधोपुर और दौसा जिलों के कई गांव डूब गए और उनका संपर्क पूरी तरह कट गया। प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।
नेताओं ने किया दौरा
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बूंदी के केशोरायपाटन में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। वहीं, कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा और गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने सवाई माधोपुर जिले के प्रभावित इलाकों का जायजा लिया।

बांधों के गेट खोले गए
तेज बारिश के चलते प्रदेश के कई बांधों से पानी छोड़ा गया है। करौली के पांचना बांध से 17,496 क्यूसेक, बीसलपुर से 72,120 क्यूसेक, ईसरदा से 14,780 क्यूसेक, कालीसिंध से 8,161 क्यूसेक और कोटा बैराज से 12,344 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
अलर्ट जारी
मौसम विभाग ने कोटा और बूंदी के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। बारां, झालावाड़, टोंक, भीलवाड़ा, अजमेर, नागौर और पाली जिलों में ऑरेंज अलर्ट, जबकि अन्य जिलों के लिए येलो अलर्ट घोषित किया गया है। विभाग के अनुसार 25 अगस्त तक बारिश का यह दौर जारी रह सकता है।
सामान्य से ज्यादा मानसून
इस बार मानसून सामान्य से काफी सक्रिय है। 1 जून से 22 अगस्त तक औसतन 336.5 मिमी बारिश होती है, जबकि इस साल अब तक 476.8 मिमी बारिश दर्ज की गई है, यानी सामान्य से करीब 42% ज्यादा। लगातार बारिश से कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं।