राजस्थान के कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने एक बार फिर भर्ती घोटालों का मुद्दा उठाया है। एसआई भर्ती रद्द होने के बाद अब उन्होंने राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) में फर्जीवाड़े के जरिए चयनित अधिकारियों की नियुक्ति रद्द करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसे लोगों को तुरंत नौकरी से हटाए।

डॉ. किरोड़ी ने दावा किया कि उन्होंने राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) के तीन पूर्व अध्यक्षों और तीन सदस्यों के खिलाफ सबूत पेश किए थे और इन्हें गिरफ्तार किया जाना चाहिए। उन्होंने सरकार से अपील की कि हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ अपील न करें।
जयपुर के दुर्गापुरा कृषि अनुसंधान केंद्र में मीडिया से बातचीत के दौरान मंत्री ने कहा कि मंत्री बनने के तुरंत बाद ही उन्होंने एसआई भर्ती रद्द करने की मांग की थी। साथ ही नकली खाद और बीज के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी है।
हनुमान बेनीवाल के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए किरोड़ी ने कहा कि वे भ्रष्टाचार नहीं कर सकते और उनके गंभीर आरोपों से वे आहत हुए हैं। उन्होंने कहा कि बेनीवाल उनके नजदीकी रहे हैं, ऐसे में इस तरह के आरोप परेशान करने वाले हैं। यदि उनकी बात से बेनीवाल आहत हुए हैं तो वे माफी मांगते हैं।
गहलोत सरकार से जुड़े आरोपों पर उन्होंने कहा कि वे पांच साल तक उसके खिलाफ लड़े और इस दौरान गहलोत से उनकी कोई मुलाकात तक नहीं हुई। जनता खुद फैसला करेगी कि सच क्या है।
एसआई भर्ती को लेकर मंत्री ने कहा कि इस आंदोलन से उनका भावनात्मक जुड़ाव है। वे सब-कमेटी के सदस्य नहीं थे, इसलिए रिपोर्ट की जानकारी नहीं है, लेकिन उनकी व्यक्तिगत राय यही है कि परीक्षा रद्द करना सही कदम है। उन्होंने यह भी कहा कि अब वे एसओजी को नए तथ्य देंगे, जिससे कुछ बड़े चेहरों का खुलासा होगा।