राजस्थान में बुधवार को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक के बाद मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने बताया कि बैठक में रोजगार सृजन, औद्योगिक निवेश बढ़ाने और कौशल विकास को गति देने से जुड़े बड़े निर्णय लिए गए।

ग्लोबल कैपेसिटी पॉलिसी 2025 को स्वीकृति
कैबिनेट ने राजस्थान ग्लोबल कैपेसिटी पॉलिसी (GCC 2025) को हरी झंडी दे दी है। नई नीति का उद्देश्य औद्योगिक निवेश, तकनीकी उन्नयन और स्किल डेवलपमेंट को एक मंच पर लाना है।
राठौड़ के मुताबिक, इस पॉलिसी के तहत विदेशी और देशीय कंपनियों को उत्पादन, निवेश और प्रशिक्षण जैसी सुविधाएं एकीकृत रूप से उपलब्ध कराई जाएंगी। आने वाले महीनों में इसके क्रियान्वयन के लिए चरणबद्ध रोडमैप लागू होगा।
इसके साथ ही जयपुर, उदयपुर और जोधपुर को GCC हब के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया गया।
प्रवासी राजस्थानी विभाग का गठन
राज्य सरकार ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रवासी राजस्थानियों के लिए अलग विभाग बनाने की मंजूरी दे दी है।
यह विभाग प्रवासी लोगों को राज्य की योजनाओं, निवेश अवसरों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों से जोड़ने का काम करेगा। साथ ही प्रवासी राजस्थानी दिवस व सम्मान समारोह जैसे कार्यक्रमों का आयोजन भी करेगा।
बैठक के प्रमुख फैसले
राजस्थान विद्युत उत्पादन निगम और सिंगरेनी कोलियरीज कंपनी लिमिटेड के बीच संयुक्त उपक्रम की स्थापना। सिरोही जिले के दो राजकीय महाविद्यालयों का दानदाताओं के नाम पर नामकरण। बीकानेर के पूगल क्षेत्र और चित्तौड़गढ़ के रावतभाटा में सौर परियोजनाओं के लिए 517.70 हैक्टेयर भूमि का आवंटन। 9600 करोड़ रुपये की लागत से 800 मेगावाट कोयला आधारित ताप विद्युत परियोजना की स्थापना। 6000 करोड़ रुपये की लागत से 1500 मेगावाट सौर ऊर्जा परियोजनाओं को मंजूरी। IT, फाइनेंस, तकनीक और प्रोसेस मैनेजमेंट से जुड़ी कंपनियों के लिए तेज अनुमतियों व प्रोत्साहन का वादा।
कॉलेजों का नामकरण
मंत्री प्रेमचंद बैरवा ने बताया कि सिरोही के दो सरकारी कॉलेजों के नाम बदलने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है—
राजकीय महाविद्यालय कालंद्री का नाम संघवी हीराचंदजी फूलचंदजी राजकीय महाविद्यालय कालंद्री राजकीय महाविद्यालय कैलाश नगर का नाम मातुश्री पुरीबाई पुनमाजी माली टोरसो राजकीय महाविद्यालय कैलाश नगर
