जयपुर : राजस्थान सरकार द्वारा 12वीं कक्षा की किताबों को स्कूलों से वापस मंगवाने और “आजादी के बाद का स्वर्णिम भारत” शीर्षक वाले पाठ्यक्रम पर रोक लगाने का फैसला अब सियासी बहस का विषय बन गया है। इस निर्णय को लेकर राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भाजपा सरकार पर तीखा प्रहार किया है।
गहलोत ने सरकार के इस कदम को “हास्यास्पद” बताते हुए कहा कि यह भारत के स्वतंत्रता के बाद के इतिहास को दबाने की कोशिश है। उन्होंने कहा,

“यह ऐतिहासिक तथ्य है कि आजादी के बाद सबसे ज्यादा सरकारें कांग्रेस की रहीं। देश को विकास की ऐतिहासिक ऊंचाइयों तक ले जाने का श्रेय कांग्रेस की सरकारों और उनके प्रधानमंत्रियों को ही मिलेगा। बीजेपी सरकार चाहकर भी इस सच्चाई को छिपा नहीं सकती।”
पूर्व मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि कांग्रेस शासन में भारत ने अंतरिक्ष विज्ञान, औद्योगिकीकरण और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल कीं।
“हमारे वैज्ञानिकों ने चंद्रयान जैसे मिशन पूरे किए, इंजीनियरों ने बड़े-बड़े कारखाने, बांध और संस्थान खड़े किए। इंदिरा गांधी और राजीव गांधी जैसे नेताओं ने इस देश के लिए अपनी जान तक कुर्बान की। क्या भाजपा इन तथ्यों को भी बदल सकती है?” — उन्होंने सवाल किया।
किताबें रद्दी में डालना सरकारी धन की बर्बादी: गहलोत
अशोक गहलोत ने किताबों की वापसी से जुड़े आर्थिक पहलुओं पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि करीब 2.50 करोड़ रुपये की लागत से छपी इन पुस्तकों को अब रद्दी में डालना जनता के पैसे की बर्बादी है।
“अगर सरकार एनडीए शासन की उपलब्धियों को पढ़ाना चाहती है, तो अतिरिक्त पृष्ठ छपवाकर स्कूलों में भेजे। किताबें वापस मंगवाकर उन्हें व्यर्थ करना जनता के साथ अन्याय है।”
सरकार के फैसले पर बढ़ रहा विरोध
राज्य सरकार ने हाल ही में स्कूल शिक्षा विभाग को निर्देश दिए हैं कि 12वीं की ‘आजादी के बाद का स्वर्णिम भारत’ किताबों को स्कूलों से तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए। सरकार का कहना है कि पाठ्यक्रम की समीक्षा की जा रही है। हालांकि, इस फैसले के बाद शिक्षा और राजनीतिक क्षेत्र में तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
राजस्थान की शिक्षा नीति को लेकर यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब राज्य सरकार शिक्षा सुधारों के नाम पर कई पाठ्यक्रमों में बदलाव कर रही है। विपक्ष इसे “राजनीतिक एजेंडा” बता रहा है, जबकि सरकार इसे “संतुलित इतिहास” की आवश्यकता बता रही है।