स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सशस्त्र बलों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के कर्मियों के लिए वीरता पुरस्कारों (गैलंट्री अवार्ड्स) की घोषणा की। इन पुरस्कारों का उद्देश्य बहादुरी, कर्तव्यनिष्ठा और सर्वोच्च बलिदान की भावना को सम्मानित करना है।
इस अवसर पर सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीद सार्जेंट सुरेंद्र मोगा (मरणोपरांत) को वायु सेना मेडल (गैलंट्री) से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनकी असाधारण वीरता, कर्तव्य के प्रति समर्पण और राष्ट्र के लिए दिए गए बलिदान की स्मृति में प्रदान किया गया है।
सार्जेंट सुरेंद्र मोगा को यह सम्मान “ऑपरेशन सिंदूर” के दौरान दिया गया बलिदान के लिए मिला। 10 मई 2025 को जम्मू-कश्मीर के उधमपुर सेक्टर में पाकिस्तान के हवाई हमले में वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे और बाद में वीरगति को प्राप्त हुए। राजस्थान के झुंझुनूं जिले के मेहरादासी निवासी मोगा को उनके पैतृक गांव में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। वे भारतीय वायु सेना में मेडिकल असिस्टेंट के पद पर कार्यरत थे।
गौरतलब है कि गैलंट्री अवॉर्ड्स की घोषणा साल में दो बार – गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) और स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) – को की जाती है। ये पुरस्कार राष्ट्रपति द्वारा साल में एक बार आयोजित होने वाले डिफेंस इन्वेस्टिचर सेरेमनी (Defence Investiture Ceremony) में प्रदान किए जाते हैं।