धौलपुर जिले के ऐतिहासिक तीर्थराज मचकुंड स्थित लाडली जगमोहन मंदिर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की तैयारियां चरम पर हैं। भगवान कृष्ण को पंचामृत स्नान कराकर मधुवनी पोशाक पहनाई गई है, जिसमें राजस्थानी कला की खास झलक देखने को मिल रही है। यह विशेष पोशाक उत्तर प्रदेश के वृंदावन के कारीगरों ने तीन महीने की मेहनत से तैयार की है।

पोशाक में कुंडल, मुकुट, ओढ़नी, साइड पर्दे और राधा जी की चुनरी शामिल है। रंग-बिरंगे संयोजन के साथ तैयार इस पोशाक को देखकर श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो रहे हैं। मंदिर परिसर और मचकुंड तक के रास्तों को रंगीन रोशनी से सजाया जा रहा है, जो उत्सव की रौनक को और बढ़ा रहा है।

16 अगस्त को होगा भव्य आयोजन
महंत कृष्णदास शास्त्री ने बताया कि जन्माष्टमी के दिन सुबह 8 बजे से रात 1 बजे तक भक्त फूल बंगला और छप्पन भोग के दर्शन कर सकेंगे। शाम 6 बजे से रात 11:30 बजे तक भजन संध्या में भक्ति गीतों की गूंज रहेगी। ठीक रात 12 बजे श्रीकृष्ण जन्म महाआरती होगी, जिसमें सभी श्रद्धालुओं को शामिल होने का निमंत्रण दिया गया है।
मचकुंड का धार्मिक महत्व
ब्रज और मथुरा के करीब स्थित मचकुंड श्रीकृष्ण की लीला स्थली के रूप में प्रसिद्ध है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, यहीं भगवान कृष्ण ने मुचकुंद महाराज से कालयवन राक्षस का संहार करवाया था, जिसके बाद उन्हें ‘रणछोड़’ नाम मिला। यही कारण है कि मचकुंड का यह उत्सव भक्तों के लिए विशेष महत्व रखता है।
