साल का आखिरी चंद्र ग्रहण भारत में भी दिखाई देगा। नई दिल्ली, मुम्बई, अहमदाबाद, जयपुर, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु, हैदराबाद, लखनऊ कुछ लोकप्रिय शहर हैं, जहां पूर्ण चन्द्र ग्रहण दिखायी देगा। भारत में जहां भी ग्रहण दिखायी देगा, वहां पर चन्द्र ग्रहण से जुड़े सभी पारंपरिक अनुष्ठान लागू होंगे। दरअसल चंद्र ग्रहण के समय कई तरह की सावधानियां बरतने की सलाह दी जाती है। जैसे इस दौरान भोजन नहीं किया जाता, पूजा-पाठ और अन्य शुभ कार्यों पर भी रोक रहती है। चलिए जानते हैं 7 सितंबर 2025 का चंद्र ग्रहण कब से कब तक रहेगा और इसका सूतक काल कब लगेगा।
7 सितंबर 2025 को सूतक दोपहर 12:19 बजे से शुरू होगा और इसकी समाप्ति 8 सितंबर 2025 को 01:26 AM पर होगी। बच्चों, बृद्धों और अस्वस्थ लोगों के लिये सूतक शाम 06:36 से शुरू होगा।
चंद्र ग्रहण के दौरान भोजन करने, सोने, तेल मालिश करने, जल ग्रहण करने, मल-मूत्र विसर्जन, बालों में कन्घा करना, दातुन करना और यौन गतिविधियों में लिप्त होना प्रतिबन्धित माना जाता है। इसके अलावा इस दौरान भगवान की मूर्तियों को भी स्पर्श नहीं किया जाता है।
ग्रहण के दौरान इन मंत्र का करें जाप (Chandra Grahan Mantra)
1. तमोमय महाभीम सोमसूर्यविमर्दन। हेमताराप्रदानेन मम शान्तिप्रदो भव॥१॥
अर्थ – अन्धकाररूप महाभीम चन्द्र-सूर्य का मर्दन करने वाले राहु! सुवर्णतारा दान से मुझे शान्ति प्रदान करें।
2. विधुन्तुद नमस्तुभ्यं सिंहिकानन्दनाच्युत। दानेनानेन नागस्य रक्ष मां वेधजाद्भयात्॥२॥
अर्थ – सिंहिकानन्दन (पुत्र), अच्युत! हे विधुन्तुद, नाग के इस दान से ग्रहणजनित भय से मेरी रक्षा करो।
