संसद के शीतकालीन सत्र के छठे दिन लोकसभा में वंदे मातरम् को लेकर विशेष चर्चा हुई। इस चर्चा की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की। बहस में हिस्सा लेते हुए कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि वंदे मातरम् पर सवाल उठाना स्वतंत्रता सेनानियों और देश के महापुरुषों का अपमान है। उन्होंने सरकार पर जनता को बांटने की राजनीति करने का आरोप भी लगाया। आइए जानते हैं उनके भाषण की 10 बड़ी बातें—
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प्रियंका गांधी ने कहा कि वंदे मातरम् 150 साल से देश की आत्मा में बसा हुआ गीत है। यह सिर्फ एक गीत नहीं, बल्कि भारत की चेतना है।
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उन्होंने कहा कि आज यह बहस इसलिए कराई जा रही है क्योंकि एक तरफ बंगाल चुनाव नजदीक हैं और दूसरी तरफ स्वतंत्रता सेनानियों पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। सरकार लोगों को बांटने का काम कर रही है।
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प्रियंका गांधी ने कहा कि जब भी हम वंदे मातरम् का नाम लेते हैं, पूरा स्वतंत्रता संग्राम हमारी आंखों के सामने आ जाता है। अंग्रेजी शासन इसी नारे के आगे झुका था। आजादी के 75 साल बाद इस पर बहस करना दुखद है।
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उन्होंने कहा कि सरकार अतीत में उलझी हुई है, जबकि देश आज बेरोजगारी, महंगाई और समस्याओं से जूझ रहा है। वर्तमान और भविष्य पर सरकार का कोई ध्यान नहीं है।
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प्रियंका गांधी ने कहा कि वह कोई कलाकार नहीं, बल्कि जनता की प्रतिनिधि हैं और सदन में केवल तथ्य रखेंगी। उन्होंने बताया कि 1896 में रबींद्रनाथ टैगोर ने यह गीत कांग्रेस अधिवेशन में गाया था।
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उन्होंने कहा कि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने पहले इसके दो अंतरे लिखे, फिर 1882 में आनंदमठ उपन्यास में चार अंतरे जोड़े गए।
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प्रियंका गांधी ने बताया कि 1905 में रबींद्रनाथ टैगोर ने इस गीत को ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ आंदोलन में गाया। यह गीत देश के लिए मर मिटने की भावना पैदा करता है।
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उन्होंने कहा कि 1930 के दशक में जब सांप्रदायिक राजनीति उभरी, तब इस गीत पर विवाद शुरू हुआ। 1937 में नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने भी इससे जुड़ा पत्र लिखा था, जिसका जिक्र आज नहीं किया जा रहा।
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प्रियंका गांधी ने कहा कि संविधान सभा ने वंदे मातरम् को जिस रूप में स्वीकार किया, उस पर सवाल उठाना देश के महान नेताओं का अपमान है।
🔟अपने भाषण के अंत में उन्होंने कहा कि पंडित जवाहरलाल नेहरू ने देश के लिए 12 साल जेल में बिताए और 17 साल प्रधानमंत्री रहे। उन्होंने कहा कि आज सरकार को बेरोजगारी, गरीबी और प्रदूषण जैसे मुद्दों पर चर्चा करनी चाहिए।
